Loading

 

 झूठी तारीफ की तो,
कमजोर पड़ जाऊंगा
मुझे चाहने वाले,
इसारा जरुरी है ।

"और वो इसारा पिता करता है ।"

सादे कागज पर अपने अनुभव का सागर
उड़ेल कर , छिपी खामोश नसीहतें , हिदायतें
दे कर बच्चों को मंजिल तक पहुंचाने का
मार्ग , पिता बनता है ।

बच्चे को कंधे पर
बिठा कर , दुनियां दिखने का प्रयास करता है ।
अपने बच्चों के लिए पिता, उस सूरज की तरह
है, जो हर अंधकार को दूर कर , अपनी
तपिस के प्रभाव से भी बच्चों का भला चाहता है ।

Fathers Day पर हार्दिक शुभकामनायेँ

 

Lokesh Rusia
Follow Him:

Facebook Comments

Top
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: