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आगे के लोगों का आदर करूँ या,
पीछे के जनमन का मान रखूं मैं?
मन मेरा कहता है हवा की तरह ही,
सबके हृदय को छूता चलूँ मैं।।

समय के पलों को ख़राब ना होने दो,
कर्म के लिए, भाग्य का इंतज़ार न होने दो।
तैरना आता है तो, गहराई का क्या डर?
अपने साहस को बेकार ना होने दो।

सोऔर प्रयास का स्तर समान हो,
सामर्थ का पूर्व से अनुमान हो।
परिणाम से मिलेगा सुख, संतोष मिलेगा,
वरदान कोई कुदरत का, तुम्हे सम्मान मिलेगा।।

शिखर की राह में कमियों पर नज़र ज़रूरी है,
चाहत की छाया तारीफ़ के पुल हमें कमज़ोर न कर दें।।

ज़िन्दगी मई घाटी घटनाएँ अंत नहीं मोड़ हैं,
जाने कौन किस मोड़ पे मिल जाये,
ज़िन्दगी तो पल पल का जोड़ है।

छोटी छोटी बातों को निपटाने  में सार है,
गहरे तालाब में घुसना बेकार है,
बार बार बार ही संकट का द्वार है।

आत्म निरीक्षण से सोच बदलता है,
बदले हुए सोच से रास्ता निकलता है।

पूजा से मन शांत सरोवर हो जाता है,
बढ़ता है विश्वास धरोहर हो जाता है।

सच्चाई का सामना तो करना पड़ेगा,
एक न एक दिन, अपने आप से लड़ना पड़ेगा।
आपको या आपके अंगों को,
करनी के सुख दुःख से गुजरना पड़ेगा।

Lokesh Rusia
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