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हे! नारी तू महान है|
शत-शत तुझे प्रणाम है||

फूलो सी कोमल होकर, काँटों में रह लेती हो|
खामोशी होंठों पर रख, कितना कुछ सह लेती हो||
स्वाभिमान श्रंगार तेरा,
त्याग तेरी पहचान है|

हे! नारी तू महान है||

माँ हो बेटी हो या हो भार्या, तेरा हर रुप निराला है|
खुद में खुद को खोने वाली, तूने जग को पाला है||
कर्ज तुम्हारा हम पर,
जग ने माना एहसान है|

हे! नारी तू महान है ||

नारी तुम नहीं हो अवला, तुम सबल शक्ति ज्वाला हो|
झाँसी की रानी लक्ष्मी तुम, दुर्गा सी वीर वाला हो||
करे जो तेरा अपमान,
वो मनुष्य पशु समान है|

हे! नारी तू महान है||

सागर से दिल में तूने, कितना दर्द समाया है|
जीवन सफल उसी का, जिस पर मातर छाया है||
अक्स हमारा तुमसे,
तुमसे हमारी शान है|

हे! नारी तू महान है||

 

 

Akshesh Shrivastava
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