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ये ज़िदगी के हसीन... पलों की यादें...
अब भी अकेले में... ये हँसाने लगती है ॥

यूंही चुप-चुप से.... इन जज़बात को...
अक्सर ही ख़ुद से... छिपाने लगती हैं ॥

 

Anurag Thakur
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