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बादशाह लिख या फकीर न परवाह है कोई,
बस चाहता हूँ तुझे मेरी तकदीर लिख दे।

न दौलत न जन्नत की कोई इच्छा है,
बस हर पल तेरे हिस्से में बेदाग हसी लिख दे।

मल्लिका हो या हूर खुदको रूबरू न करेंगे,
बस मेरे हिस्से में तेरा दिल-ऐ-नूर लिख दे।

दूसरों में लिख कई सदी भले ही,
एक पल के लिए ही सही पर मेरे हिस्से में निधि लिख दे।

 

Swatantra Katiyar

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