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ज़िन्दगी एक फलसफा है,

जिम्मेदारियों का एहसास है,

नाते-रिश्तों को निभाने का|

तिनके – तिनके जोड़,

जतन से घोसला बनाने का|

घोंसला जिसमें छोटे – छोटे बच्चे,

चहचहाते हैं, मुस्कराते हैं|

न जाने कब बड़े हो जाते हैं|

और अपने चिड़ा – चिड़ी के साथ,

फुर्र हो जाते हैं||

 

D. K. Rusia
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